शिक्षा के मंदिर में ‘शराबी’ गुरु: नशे में धुत शिक्षक कर रहा बच्चों के भविष्य से खिलवाड़, अभिभावकों ने की कड़ी कार्यवाही की मांग
लैलूंगा /शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही और नशे की लत ने नौनिहालों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। ताजा मामला लैलूंगा विकास खंड के ग्राम छातासराई से सामने आया है, जहाँ शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ एक शिक्षक अक्सर शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुँचता है।
क्लास में लड़खड़ाती जुबान और गलत हरकतें ग्रामीणों और अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक श्री कुष्टो राम भोय न केवल शराब पीकर स्कूल आता है, बल्कि नशे की हालत में छात्रों और शाला समिति एवं पालक समिति के द्वारा कई बार अवगत कराए जाने के बावजूद भी अपने कर्तव्य से विमुख शराब का अड्डा बनाकर विद्यालय जैसे शिक्षा मंदिर को कलंकित कर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
भविष्य पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक के इस रवैये के कारण बच्चे स्कूल जाने से डरने लगे हैं। अभिभावकों ने कहा, “हम अपने बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, न कि शराबी शिक्षकों के पास। यह बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।” इस लापरवाही के कारण स्कूल में पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।
नशेड़ी शिक्षक की कबूलमाना
नशेड़ी शिक्षक ने खुद बताया कि मैं स्कूल में शराब पी कर आया हूं। फिलहाल इस सम्बन्ध में शाला समिति के सदस्यों के द्वारा संकुल समन्वयक को लिखित रूप में अवगत करा दिया गया है, पालकों में आक्रोश का माहौल है। देखते है शिक्षा विभाग नशेड़ी शिक्षक के विरुद्ध कब कार्यवाही करती है।
अभिभावकों की चेतावनी: तत्काल बर्खास्तगी न हुई तो करेंगे उग्र प्रदर्शन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि संबंधित शिक्षक को तुरंत निलंबित कर बर्खास्त नहीं किया गया, तो वे स्कूल में तालाबंदी करेंगे और उग्र आंदोलन करेंगे।
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