छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इस बार धान खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसानों को ऑनलाइन टोकन कटाने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सारंगढ़–बिलाईगढ़, जांजगीर, महासमुन्द और रायगढ़ क्षेत्रों में किसानों ने शिकायत की है कि पोर्टल खुलते ही सर्वर धीमा हो जाता है, जिसके कारण टोकन जनरेट नहीं हो पा रहा है। कई किसानों ने बताया कि वे रातभर जागकर मोबाइल और जनपद केंद्रों में बार-बार प्रयास करते हैं, लेकिन सर्वर एरर या पेज न खुलने से टोकन नहीं मिल पा रहा है।
दूसरी बड़ी समस्या सीमित टोकन संख्या है। प्रतिदिन उपलब्ध टोकन की संख्या कम होने के कारण हजारों किसान कतार में पीछे रह जाते हैं। कुछ किसानों का कहना है कि पहले ही दिन के टोकन बड़े किसानों या तकनीकी सुविधा वाले लोगों को मिल जाते हैं, जबकि छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों के सीमांत किसान वंचित रह जाते हैं। इंटरनेट की गति धीमी होना, मोबाइल में OTP देर से आना और पंजीयन विवरण न दिखना भी प्रमुख तकनीकी अड़चनें हैं।
कई संगठनों ने यह भी मांग की है कि सरकार टोकन सीमा बढ़ाए और खरीदी केंद्रों में किसानों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त टोकन उपलब्ध कराए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर कैफे और सहकारी समितियों में अलग से हेल्पडेस्क की व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि बुजुर्ग और तकनीकी जानकारी न रखने वाले किसानों को सहायता मिल सके।
किसानों का यह भी कहना है कि यदि सर्वर को स्थिर किया जाए और टोकन प्रक्रिया सरल बनाई जाए, तो तनाव और समय की बर्बादी से बड़ी राहत मिल सकती है। प्रशासन का कहना है कि वे समस्या से अवगत हैं और इसे दूर करने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही किसानों को बिना परेशानी के टोकन मिल सकेंगे और धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ेगी।
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