धरमजयगढ़। जिंदल कोल ब्लॉक की जन सुनवाई को लेकर तमनार के धौराभांठा में उपजे विवाद की आंच अब धरमजयगढ़ ब्लॉक के पुरूंगा गांव तक पहुंचती दिख रही है। 8 दिसंबर को आयोजित जन सुनवाई को ग्रामीणों ने प्रशासनिक दबाव और अनियमितताओं से सम्पन्न बताया, जिसके विरोध में वे अब अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित स्थल पर कब्जा होने के बावजूद जन सुनवाई अन्य स्थान पर कराई गई, समयसीमा का भी पालन नहीं हुआ और बड़ी संख्या में ग्रामीणों को वहां पहुंचने से रोका गया।इसी पृष्ठभूमि में पुरूंगा गांव में प्रस्तावित अडानी समूह की जन सुनवाई को लेकर भी विरोध की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार जनवरी 2026 के मध्य जन सुनवाई संभावित है, जिसे लेकर कंपनी की गतिविधियां बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार के प्रलोभन और आपसी फूट डालने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन गांव के लोग इन हथकंडों से विचलित होने वाले नहीं हैं।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी कीमत पर पुरूंगा में कोयला खदान नहीं खुलने देंगे। उनका तर्क है कि ऐसे “विकास” से स्वास्थ्य और पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। आगे उन्होंने कहा कि “हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए, जो बीमारी और विनाश लेकर आए”—इसी संकल्प के साथ पुरूंगा में भी जन सुनवाई के खिलाफ व्यापक और संगठित विरोध की तैयारी शुरू हो चुकी है।
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