रायगढ़ – महाजैंको (महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी) द्वारा कोयला खदानों के लिए जंगलों की कटाई के खिलाफ कई आंदोलनों की खबरें सामने आई हैं। विशेष रूप से, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कोयला खनन परियोजनाओं को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनजातीय समुदायों और सामाजिक संगठनों ने विरोध किया है। यही नहीं बल्कि रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में महाजैंको कोयला खदान के लिए जंगल कटाई के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने नया जोश पकड़ लिया है। जिला पंचायत सदस्य रमेश बेहरा ने इस लड़ाई में कूदते हुए कोयला प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि वह हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे। रमेश बेहरा ने कहा, “प्रभावित जनता की इस जायज लड़ाई में मैं हर मोर्चे पर ग्रामीणों के साथ हूं।” आज के आंदोलन में उनके साथ प्रभावित क्षेत्र के जनपद पंचायत सदस्य भी शामिल हुए, जिससे इस मुहिम को और बल मिला।
कोयला खदान से प्रभावित 10 गांवों के ग्रामीण भी जंगल बचाने की इस जंग में एकजुट होकर उतर पड़े हैं। उन्होंने शपथ ली है कि वे इस लड़ाई को मिलकर मजबूत करेंगे और अपने जंगलों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह आंदोलन अब सिर्फ ग्रामीणों की आवाज नहीं, बल्कि एक सशक्त जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है, जो महाजैंको कंपनी के खिलाफ एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
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