रायगढ़। नटवरपुर में जिस जमीन पर मां मंगला इस्पात का इथेनॉल प्लांट लग रहा है, उस पर जंगल था जिसे नष्ट कर दिया गया। पटवारी ने अनुमान से चौहद्दी बनाकर दे दी। अब सर्वे हो रहा है। सवाल यह है कि सर्वे के बाद अगर इथेनॉल प्लांट का खसरा नंबर व नक्शा उसी जगह पर नहीं बैठा, तो क्या होगा। मसाहती गांव नटवरपुर की जमीन कारोबारियों के लिए हॉट प्रॉपर्टी बना हुआ है। बहुत कम कीमत पर जमीन मिल जाती है और रजिस्ट्री के बाद कोई अधिकारी कार्रवाई नहीं करता। इस गांव के मूल निवासियों के पास अब बहुत कम जमीनें बची हैं। कई सालों से प्रशासन सर्वे करवा रहा है ताकि खसरा नंबरों के हिसाब से सही नक्शा बन सके। कुछ साल पहले बहुत कम कीमत पर जमीनें खरीदी गईं। कुछ लोगों ने यहां बेनामी खरीदी भी की। मां मंगला ने भी ऐसी ही एक जमीन को खरीदा और इथेनॉल प्लांट लगा लिया है।
मसाहती गांव में नक्शा नहीं होने के कारण यह पता ही नहीं कि कौन सा खसरा नंबर किस जगह और किस दिशा में है। आईआईटी रुडक़ी का सर्वे पूरा नहीं हुआ है। सर्वे होने के बाद नक्शा जारी होगा। तब वहां के भूमि स्वामियों को पता चलेगा कि उनकी जमीन कहां से कहां तक है। मां मंगला इस्पात के डायरेक्टरों ने नटवरपुर में इथेनॉल प्लांट लगा लिया है। मां मंगला इस्पात के इथेनॉल प्लांट के लिए खसरा नंबर 230/1 रकबा 1.9230 हे., 230/3 रकबा 1.8210 हे. और 230/4 रकबा 1.9230 हे. कुल 5.665 हे. जमीन खरीदी गई। मां मंगला के डायरेक्टर शशांक गर्ग निवासी राउरकेला ने कोलकाता के तीन लोगों से यह जमीन खरीदी। खनं 230/1 की जमीन मनोज कुमार अग्रवाल पिता आरके अग्रवाल निवासी कोलकाता, खसरा नंबर 230/3 की भूमि आशालता अग्रवाल पति अशोक अग्रवाल कोलकाता और खसरा नंबर 230/4 की भूमि अंजन कुमार अग्रवाल पिता आरके अग्रवाल निवासी कोलकाता से खरीदी गई। ये रजिस्ट्रियां 2022 में हुई हैं।
सर्वे के बाद बदलेगी दिशा
मां मंगला इस्पात ने पटवारी से सांठगांठ कर चौहद्दी जारी करवा ली। इसके आधार पर रजिस्ट्री हो गई। जमीन की लोकेशन उद्योगपति के फायदे के हिसाब से दी गई है। नटवरपुर मेनरोड के किनारे चौकोर क्षेत्र में जमीन मिली है। अब सर्वे के बाद बताया जाएगा कि कौन सा खसरा नंबर किस जगह पर है। हर खसरे का नक्शा अलग होगा। ऐसे में पूर्व से हो चुके निर्माण की जगह पर नक्शा कैसे फिट होगा।
पटवारियों से हटा नियंत्रण
पिछले दिनों पटवारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया गया था। नटवरपुर में इतने संदिग्ध खरीदी-बिक्री हुई है, जिसमें पटवारी की भूमिका है। पिछले पांच साल में नटवरपुर की जमीन को हड़पने के लिए कई बेनामी खरीदी हुई है। ऐसे तमाम मामलों की जांच हुई तो बड़ा स्कैम सामने आएगा।
क्या कहते हैं एसडीएम
हम पूर्व में हुई रजिस्ट्रियों की जांच करवाएंगे। वर्तमान में पटवारी से भी पूछा जा रहा है कि चौहद्दी किस आधार पर जारी कर रहे हैं।
– प्रवीण तिवारी, एसडीएम रायगढ़
क्या कहते हैं उमेश
यह बेहद गंभीर मामला है। जहां का नक्शा नहीं है, वहां मूल निवासियों की जमीनें हड़पी जा रही हैं। कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं चक्रधर
मूल आदिवासियों की जमीनें बाहरी लोगों के नाम होना बहुत बड़ी साजिश है। नटवरपुर मामले की जांच होनी चाहिए।
– चक्रधर सिंह सिदार, पूर्व विधायक लैलूंगा
क्या कहते हैं सत्यानंद
ऐसा नहीं होना चाहिए। बिना नक्शे के कैसे पता चल सकता है कि कौन सी जमीन कहां स्थित है। हरियाली को भी नष्ट किया जा रहा है। मां मंगला इस्पात इथेनॉल प्लांट के लिए अनियमितता की जांच होनी चाहिए।
– सत्यानंद राठिया, पूर्व विधायक लैलूंगा
क्या कहती हैं विद्यावती
नटवरपुर में कई तरह की गड़बड़ियां हैं। इस मामले को सरकार के समक्ष रखेंगे।
– विद्यावती सिदार, विधायक लैलूंगा
- मां रामचंडी दिवस की भव्य शोभा यात्रा – बहामा से लमडांड तक निकलेगी ऐतिहासिक भक्ति एवं आस्था का महासंगम - April 1, 2026
- एसआई निरज पटेल की घर वापसी पर लिबरा में उमड़ा जनसैलाब, ऐतिहासिक स्वागत लिबरा में एसआई निरज पटेल का भव्य स्वागत, कर्मा पार्टी की धुनों से गूंजा गांव - April 1, 2026
- रायगढ़ में “नवा तरिया, आय के जरिया” अभियान की शुरुआत, जल संरक्षण के साथ महिलाओं को मिलेगा रोजगार - March 31, 2026

