लैलूंगा/कोतबा।समाज में अक्सर जन्मदिन उत्सव, केक और शुभकामनाओं तक सीमित रह जाते हैं, लेकिन लैलूंगा के पत्रकार संतोष कुमार चौहान ने अपने जन्मदिवस को सेवा और संवेदनशीलता का रूप देते हुए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कोतबा क्षेत्र स्थित जीवन ज्योति अनाथ आश्रम (जीवन ज्योति प्राथमिक पूर्व माध्यमिक शाला, कोकियाखार) में अपने जन्मदिवस के अवसर पर उन्होंने अनाथ बच्चों के बीच पहुंचकर केला, अंगूर एवं अन्य खाद्य सामग्री तथा अन्न का वितरण किया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी किरण चौहान, संजीत कुमार चौहान एवं राजाराम चौहान भी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनका हालचाल जाना और उन्हें स्नेह व आत्मीयता का एहसास कराया।
बच्चों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आश्रम के बच्चों ने संतोष कुमार चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। बच्चों ने तालियां बजाकर और मुस्कुराते चेहरों के साथ जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पूरा वातावरण कुछ क्षणों के लिए भावुकता और आनंद से भर उठा।
कई बच्चों ने अपने हाथों से बनाए छोटे-छोटे शुभकामना संदेश भी भेंट किए। बच्चों की मासूम मुस्कान और उत्साह को देखकर उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो गए।
शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर प्रधान पाठक बालकृष्ण देशवारी, प्रधान पाठक जसिन्ता पन्ना, उच्च श्रेणी शिक्षिका प्रियंका भगत, सहायक शिक्षिका सोनामती नाग एवं करूणा की विशेष उपस्थिति रही। सभी शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
दो वर्षों से निभा रहे हैं सामाजिक सरोकार
उल्लेखनीय है कि संतोष कुमार चौहान पिछले दो वर्षों से लगातार अनाथ बच्चों से भेंट-मुलाकात कर रहे हैं। समय-समय पर वे आश्रम पहुंचकर बच्चों के बीच समय बिताते हैं और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने कहा —
“जन्मदिन का असली अर्थ तभी है जब हमारी खुशियां किसी और के चेहरे पर मुस्कान बनकर दिखाई दें। इन बच्चों की हंसी ही मेरे लिए सबसे बड़ा उपहार है।”
भावुक हुए संतोष कुमार चौहान और उनकी धर्मपत्नी
अनाथ बच्चों के बीच पहुंचकर संतोष कुमार चौहान एवं उनकी धर्मपत्नी किरण चौहान भावुक हो उठे। बच्चों के चेहरे पर झलकती खुशी और अपनापन देखकर वे गदगद हो गए।
बच्चों में इस पहल से नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। उनके चेहरों पर चमकती मुस्कान यह दर्शा रही थी कि समाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो उन्हें परिवार का हिस्सा समझते हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
संतोष कुमार चौहान का यह कदम समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि व्यक्तिगत उत्सवों को सामाजिक सरोकार से जोड़ा जाए। जन्मदिन जैसे विशेष अवसर यदि जरूरतमंदों के साथ साझा किए जाएं तो वे केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन भर की प्रेरणा बन सकते हैं।
आज के दौर में जहां लोग निजी खुशियों में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस तरह की पहल यह साबित करती है कि संवेदनशीलता और मानवीयता अभी भी समाज में जीवित है।
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