यह मेरी संस्था है, जो करना है कर लो’—संचालक पर अभद्र व्यवहार का आरोप, छात्रा ने ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का किया दावा
लैलूंगा/रायगढ़। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित एक निजी प्रशिक्षण केंद्र में कथित मनमानी और तानाशाही का मामला सामने आया है। लैलूंगा स्थित आइकॉनिक कंप्यूटर एंड मल्टी एजुकेशन प्रशिक्षण केंद्र की एक छात्रा ने संस्था संचालक और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) लैलूंगा को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत नारायणपुर (मुकडेगा) निवासी छात्रा HHA (होम हेल्थ एड) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी। छात्रा का आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान जब भी उसने कोर्स पूरा होने के बाद रोजगार की संभावनाओं, नौकरी की व्यवस्था और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे, तो संस्था संचालक और अध्यापिका नाराज हो जाते थे। छात्रा का कहना है कि उसे प्रश्न पूछने से हतोत्साहित किया गया और बाद में उसी आधार पर उसे परेशान किया जाने लगा।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने निष्कासन का लिखित कारण मांगा तो संस्था संचालक ने कथित रूप से कहा, “यह मेरी संस्था है, मैं कोई लिखित प्रमाण नहीं दूंगा, जो करना है कर लो।” छात्रा ने दावा किया है कि इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास सुरक्षित है, जिसे वह जांच के दौरान प्रस्तुत करने को तैयार है।

बारिश और बस छूटने पर व्हाट्सएप से खत्म कर दिया दाखिला
शिकायत पत्र में उल्लेख है कि 6 जुलाई को वह व्यक्तिगत कारणों से प्रशिक्षण केंद्र नहीं पहुंच सकी थी, जिसकी सूचना उसने व्हाट्सएप के माध्यम से अध्यापिका को दे दी थी। अगले दिन 7 जुलाई को लगातार बारिश के कारण नारायणपुर से लैलूंगा आने वाली बस छूट गई। छात्रा ने सुबह 8:28 बजे ही शिक्षिका को संदेश भेजकर देरी की जानकारी दी, लेकिन उसे सुबह 9 बजे तक हर हाल में पहुंचने का निर्देश दिया गया।
छात्रा के अनुसार, वह केंद्र पहुंचने का प्रयास कर ही रही थी कि सुबह 9:51 बजे उसके मोबाइल पर व्हाट्सएप संदेश आया कि उसका प्रवेश निरस्त कर दिया गया है तथा यूनिफॉर्म जमा करने के लिए कहा गया।
बिना नोटिस और बिना सुनवाई निष्कासन का आरोप
पीड़िता का कहना है कि उसे न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। संस्था ने बाद में यह कहते हुए कार्रवाई को सही ठहराने का प्रयास किया कि प्रशिक्षणार्थी को महीने में केवल तीन दिन का अवकाश मिलता है। जबकि छात्रा का दावा है कि जुलाई माह में यह उसका केवल दूसरा अवकाश था और उसने नियमों का उल्लंघन नहीं किया था।
एसडीएम से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
8 जुलाई 2026 को छात्रा ने एसडीएम लैलूंगा को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संस्था की कार्रवाई की वैधता की जांच करने, उसे दोबारा प्रशिक्षण में प्रवेश दिलाने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे में यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह योजना की पारदर्शिता और प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। फिलहाल छात्रा की शिकायत प्रशासन के समक्ष है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
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