बेंगलुरु : कर्नाटक सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधानसभा में घोषणा की कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि कम उम्र के बच्चों को मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
देश का पहला राज्य बना कर्नाटक
इस फैसले के साथ कर्नाटक देश का पहला राज्य बन गया है जहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू किया गया है। हालांकि अन्य राज्यों में भी इस विषय पर चर्चा शुरू हो चुकी है। गोवा, महाराष्ट्र और बिहार में सरकारें इस मुद्दे पर विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से राय ले रही हैं। इन राज्यों में सोशल मीडिया के उपयोग पर संभावित प्रतिबंध को लेकर टास्क फोर्स भी बनाई गई है, जो इस विषय का अध्ययन कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय मॉडल से मिली प्रेरणा
पिछले महीने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य के हायर एजुकेशन काउंसिल के वाइस चांसलर के साथ इस विषय पर चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए उम्र के आधार पर सोशल मीडिया उपयोग को सीमित करने की बात कही थी। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मॉडलों का अध्ययन करने का फैसला लिया। सरकार का मानना है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित करना उनकी सुरक्षा और बेहतर विकास के लिए जरूरी है।
बेंगलुरु में बनेगा रोबोटिक्स और AI इनोवेशन जोन
बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि Indian Institute of Science के तहत Indian Space Research Organisation और Karnataka State Electronics Development Corporation के सहयोग से बेंगलुरु में ‘बेंगलुरु रोबोटिक्स और एआई इनोवेशन जोन’ स्थापित किया जाएगा। यह परिसर रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाएगा।
इकोनॉमिक सर्वे और केंद्र सरकार की चिंता
सरकार के इस फैसले से पहले भी युवाओं में मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई जा चुकी है। इकोनॉमिक सर्वे मे बताया गया था कि युवाओं में स्मार्टफोन का अत्यधिक इस्तेमाल नींद की समस्या, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकता है। वहीं, हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान कहा था कि भारत में भी उम्र के आधार पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। सरकार और विशेषज्ञ मानते हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐसे कदम उठाना बहुत जरूरी है।
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