रायपुर। छत्तीसगढ़ में अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यालयीन) कल्याण संघ के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन सोमवार को 13वें दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक राजधानी रायपुर पहुंचे और विधानसभा घेराव के लिए कूच किया। हालांकि विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
प्रदर्शन में शामिल अतिथि शिक्षक अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से शासकीय विद्यालयों में नियमित शिक्षकों की तरह पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें न तो सेवा सुरक्षा मिली है और न ही नियमित शिक्षकों के समान वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विधानसभा घेराव के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश करते रहे, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालांकि स्थिति को पुलिस ने कुछ समय बाद नियंत्रित कर लिया।
प्रदर्शन के दौरान तेज धूप और उमस के कारण दो महिला अतिथि शिक्षिकाओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिसके बाद मौके पर मौजूद अन्य शिक्षकों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में सेवा सुरक्षा, समायोजन (नियमितीकरण) और समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल हैं। उनका कहना है कि वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है। इससे प्रदेशभर के हजारों अतिथि शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों को एकजुट कर आगामी दिनों में बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है।
अतिथि शिक्षकों के लगातार जारी आंदोलन ने राज्य सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अतिथि शिक्षकों की मांगों पर कब तक कोई ठोस निर्णय लेती है। फिलहाल आंदोलन जारी है और शिक्षकों ने अपनी मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटने का ऐलान किया है।
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