लैलूंगा। रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र का बहुप्रतीक्षित कुंजारा–केशला मार्ग पिछले लगभग 20 वर्षों से अपनी बदहाली के कारण क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर समस्या बना हुआ है। सड़क जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आवागमन बेहद कठिन और जोखिम भरा हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई देती है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्षों से इस सड़क के निर्माण और मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मांग रखने के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसका खामियाजा प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। खराब सड़क के कारण समय की बर्बादी, वाहनों की क्षति और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
इसी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रवि भगत के नेतृत्व में 1 अगस्त 2026 (शनिवार) को प्रातः 10:30 बजे कुंजारा–केशला मोड़, लैलूंगा में जनआंदोलन का आयोजन किया गया है। आंदोलन का उद्देश्य शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर जनसमस्या की ओर आकर्षित करना और सड़क निर्माण के लिए शीघ्र स्वीकृति एवं कार्य प्रारंभ कराने की मांग करना है।
आंदोलन के समर्थन में देवेंद्र नंदग्वाल ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और आम जनता के हित का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और इसके लिए सभी लोगों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस जनहित के मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता को ऐसे किसी भी बहकावे में नहीं आना चाहिए।
देवेंद्र नंदग्वाल ने कहा कि यदि आज इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन नहीं मिला, तो भविष्य में जनता की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वालों का मनोबल कमजोर हो सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए आगे आए और आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने विशेष रूप से कुंजारा–तोलगे मार्ग से जुड़े सभी गांवों के ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि इस बार भी सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो आने वाले समय में आवागमन की समस्या और अधिक गंभीर हो जाएगी। लोगों को उम्मीद है कि जनआंदोलन के माध्यम से सरकार और प्रशासन इस लंबे समय से लंबित मांग को गंभीरता से लेते हुए कुंजारा–केशला मार्ग के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें 1 अगस्त को होने वाले इस जनआंदोलन पर टिकी हैं, जिससे लोगों को वर्षों पुरानी इस समस्या के समाधान की नई उम्मीद जगी है।
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