रायगढ़, 18 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा देवमारीडांड में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने वर्षों पुराने भूमि विवाद की रंजिश में बुजुर्ग दंपति की टांगी से हत्या कर दी और बाद में शवों व घर में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने वैज्ञानिक जांच, एफएसएल टीम, पुलिस डॉग स्क्वॉड और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाई।
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई की सुबह ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65 वर्ष) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया (55 वर्ष) के जले हुए शव उनके घर के भीतर मिले थे। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, थाना प्रभारी धरमजयगढ़, थाना प्रभारी घरघोड़ा, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे तथा वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान घटनास्थल पर मिली हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध लेकर पुलिस डॉग रूबी ने संदेही श्याम लाल राठिया तक पहुंचने का संकेत दिया। वहीं गवाहों से पूछताछ में मृतक और आरोपी परिवार के बीच लंबे समय से भूमि विवाद की जानकारी सामने आई। वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने श्याम लाल राठिया (32 वर्ष) और उसके भाई जीवन लाल राठिया (48 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2013 में खरीदी गई जमीन को बाद में मूल विक्रेता ने अधिक कीमत मिलने पर मृतक को बेच दिया था। समझौते के तहत उन्हें राशि वापस मिल चुकी थी, लेकिन मृतक द्वारा उसी जमीन पर मकान बनाकर खेती करने से उनके मन में वर्षों से रंजिश बनी हुई थी।
इसी रंजिश के चलते 14 जुलाई की रात दोनों भाई टांगी लेकर मृतक के घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही उन्होंने मंगल राठिया पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई को भी मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद हत्या को दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से दोनों शवों पर कपड़े, सोफा कवर और अन्य सामान डालकर आग लगा दी तथा घर के कमरों में भी आग लगा दी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर हत्या में प्रयुक्त टांगी तथा घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
इस अंधे हत्याकांड के सफल खुलासे में थाना धरमजयगढ़, थाना घरघोड़ा, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड तथा पुलिस के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि भूमि विवाद या आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। क्षणिक आवेश में लिया गया हिंसक निर्णय न केवल निर्दोषों की जान लेता है, बल्कि आरोपी और उसके पूरे परिवार का भविष्य भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम और पुलिस डॉग रूबी के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए इसे पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण बताया।
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