रायगढ़, 6 अगस्त 2026। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की पुत्री की हत्या के बहुचर्चित मामले का रायगढ़ पुलिस ने 21 दिनों के भीतर खुलासा करते हुए 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर हत्या के साथ दुष्कर्म का भी आरोप है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में इस संवेदनशील मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई। थाना प्रभारी लैलूंगा ने गांव में कैंप लगाकर लगातार साक्ष्य जुटाए और वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को ग्राम छापरपानी की एक महिला ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 35 वर्षीय मौसेरी बहन, जो पति की मृत्यु के बाद मानसिक रूप से अस्वस्थ रहती थी, अपनी 10 माह की पुत्री के साथ गांव के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में रह रही थी। उसी दिन महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि उसकी मासूम पुत्री मृत पाई गई। उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, थाना लैलूंगा पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए और अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि घटनास्थल सुनसान था, कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और मृतका का किसी से विवाद भी सामने नहीं आया था। लगातार गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों से पूछताछ और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर ग्राम कोड़ासिया निवासी 65 वर्षीय भिखारीराम नागवंशी पर संदेह हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में उसने घटना से इनकार किया, लेकिन वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह 15 जुलाई की रात बोर मकान पहुंचा था। वहां उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध होने पर उसने महिला पर ईंट से हमला किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया तथा रो रही 10 माह की बच्ची की भी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी अपने घर लौट गया और घटना के समय पहनी हुई खून लगी धोती छिपा दी।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खून लगी धोती बरामद कर ली है। मामले में हत्या के साथ दुष्कर्म से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और 66 भी जोड़कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा तथा पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
“संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण अपराधों के खुलासे में वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क सबसे बड़ी ताकत है। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
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