रायगढ़, 07 सितंबर 2026। महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना, संगीत प्रेम और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 का भव्य आयोजन 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान, रायगढ़ में होने जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाला यह सांस्कृतिक महाकुंभ शास्त्रीय नृत्य, लोककला, पंडवानी, लोकसंगीत, कबीर भजन, गजल, वाद्य संगीत और देश के सुप्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों से सजेगा।
स्थानीय प्रतिभाओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके कलाकारों तक—इस बार समारोह का मंच भारतीय कला और संस्कृति के विविध रंगों का साक्षी बनेगा। प्रतिदिन शाम 6 बजे से सांस्कृतिक संध्याओं का आगाज होगा और हर शाम दर्शकों को कला की एक अलग विधा, अलग रंग और अलग अनुभव से रूबरू कराया जाएगा।
पद्मश्री और इंडियन आइडल फेम कलाकार होंगे आकर्षण का केंद्र
संस्कृति विभाग, पर्यटन मंडल एवं जनसहयोग के सहयोग से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में पद्मश्री सम्मानित कलाकारों के साथ इंडियन आइडल फेम कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से रायगढ़ की शामों को सुरमयी बनाएंगे।
समारोह का भव्य समापन 23 सितंबर को पद्मश्री सम्मानित सुप्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू की संगीत प्रस्तुतियों के साथ होगा।
14 सितंबर : गणेश वंदना से होगा भव्य शुभारंभ
समारोह की पहली शाम 14 सितंबर को श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा गणेश वंदना की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद पद्मश्री सम्मानित श्री अनुज शर्मा लोक कला एवं संगीत तथा पद्मश्री सम्मानित डॉ. उषा बारले पंडवानी की प्रस्तुति देंगी।
15 सितंबर : तबला, कुचिपुड़ी से राजस्थानी फोक तक
15 सितंबर की शाम में निशित गंगानी का तबला वादन, टी. लक्ष्मी रेड्डी की कुचिपुड़ी, स्टार्क सोसाइटी बाड़मेर की राजस्थानी फोक प्रस्तुति, तरुणा साहू एवं समूह की पंडवानी तथा माधवरस बैंड का भजन गायन आकर्षण का केंद्र रहेगा।
16 सितंबर : कथक और छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य का संगम
16 सितंबर को मौमाला नायक द्वारा कथक, भूपेन्द्र साहू एवं समूह द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, डॉ. यास्मीन सिंह एवं समूह तथा सुश्री विभूति शर्मा द्वारा कथक और पायल साहू एवं समूह द्वारा लोक कला की प्रस्तुति दी जाएगी।
17 सितंबर : भरतनाट्यम, कथक और ओडिसी की त्रिवेणी
17 सितंबर को बादल-बस्तर अकादमी ऑफ डांस, आर्ट्स एवं लिटरेचर द्वारा लोक कला एवं संगीत, मधुमिता रॉय मिश्रा द्वारा कथक, जान्हवी बेहरा द्वारा ओडिसी, शिवरंजनी हरीश एवं कलार्पणा नृत्य समूह द्वारा भरतनाट्यम तथा शिव शक्ति कला संस्थान द्वारा कथक की प्रस्तुति होगी।
18 सितंबर : मणिपुरी से कबीर भजन तक
18 सितंबर की शाम डॉ. मंजू इलंगबम के मणिपुरी नृत्य, पद्मश्री सम्मानित श्री भारती बंधु के कबीर भजन, श्वेता नायक एवं समूह की कुचिपुड़ी तथा श्री अनुराग शर्मा के लोक संगीत से सजेगी।
19 सितंबर : काव्य और ओडिसी का अनूठा संगम
19 सितंबर कला प्रेमियों के लिए खास रहने वाला है। गौरी शंकर दाश और रीला होता ओडिसी नृत्य प्रस्तुत करेंगे, जबकि पद्मश्री सम्मानित श्री सुरेन्द्र शर्मा एवं अन्य कलाकारों द्वारा काव्य संध्या आयोजित होगी।
20 सितंबर : इंडियन आइडल की आवाज और कथक की थिरकन
20 सितंबर को श्री बी. साहू एवं समूह की गोटीपुआ प्रस्तुति, इंडियन आइडल फेम अमित साना का गायन तथा पद्मश्री सम्मानित रामलाल बरेठ के निर्देशन में भूपेन्द्र बरेठ एवं समूह का कथक नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगा।
21 सितंबर : बनारस घराने के कथक से नृत्य नाटिका तक
21 सितंबर को रूद्रशंकर सिन्हा द्वारा बनारस घराने का कथक, सोनू गुप्ता एवं समूह का लोकगीत, वांसती वैष्णव एवं समूह का कथक, त्रिवेणी संगम द्वारा संतूर-पखावज-तबला वादन, संस्कार कला संघ की नृत्य नाटिका तथा नृत्यांजलि द्वारा बनारस घराने के कथक की प्रस्तुति होगी।
22 सितंबर : कथकली, ओडिसी, सितार और सूफियाना रंग
समारोह की 22 सितंबर की शाम शास्त्रीय नृत्य, वाद्य संगीत और सूफियाना अंदाज से सजेगी। गुरु कोट्टक्कल नंदकुमारन नायर कथकली, सुश्री दीक्षा रथ ओडिसी नृत्य, प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन, श्री पुनरिक साहू-लहरंगगा लोक संगीत तथा रायगढ़ के राकेश शर्मा सूफी गायन एवं गजल प्रस्तुत करेंगे।
23 सितंबर : कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू से होगा भव्य समापन
दस दिवसीय समारोह की अंतिम शाम 23 सितंबर को संगीत प्रेमियों के लिए यादगार होने वाली है। पद्मश्री सम्मानित प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति और जान कुमार सानू अपनी सुरमयी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
इनकी प्रस्तुतियों के साथ ही महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना को समर्पित 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 का भव्य समापन होगा।
🔴 10 दिन | 10 रंग | कला का विराट उत्सव
🎵 लोकसंगीत | 🎭 पंडवानी | 💃 कथक | 🌸 ओडिसी | 🔔 भरतनाट्यम | 🪕 संतूर-तबला | 🎶 कबीर भजन | ❤️ गजल-सूफी गायन
रायगढ़ एक बार फिर देश की सांस्कृतिक राजधानी जैसी अनुभूति कराने को तैयार है। 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में हर शाम कला, संगीत और संस्कृति का नया अध्याय लिखा जाएगा।
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