रायगढ़, 8 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज आमजनों की शिकायतों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने मंगलवार को जिला कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 45 विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए लंबित प्रकरणों पर विभागवार जवाबदेही तय करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
🔴 लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर की पैनी नजर
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर पर लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। सर्वाधिक लंबित प्रकरण वाले विभागों को विशेष रूप से चिन्हित कर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का बारीकी से परीक्षण करते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने की व्यवस्था नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित रखना उचित नहीं है।
📌 कृषि से लेकर राजस्व तक हुई समीक्षा
बैठक में कृषि विभाग के अंतर्गत खाद एवं कृषि यंत्रों से जुड़े आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। पंचायत विभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित लंबित मामलों की जानकारी ली गई। वहीं राजस्व विभाग के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
⚡ अलग-अलग कार्यालयों के लिए नोडल अधिकारी होंगे जिम्मेदार
कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग सहित ऐसे विभाग, जिनके कई कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हैं, वहां मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के मामलों की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी स्पष्ट होने से शिकायतों की सतत निगरानी होगी और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। आबकारी विभाग से संबंधित अवैध शराब सहित विभिन्न शिकायतों की भी समीक्षा की गई और संबंधित मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
⚠️ “लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”—कलेक्टर
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदनों को केवल सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा न समझें, बल्कि इनके पीछे आम नागरिक की वास्तविक समस्या और उसकी अपेक्षा को समझते हुए संवेदनशीलता से कार्रवाई करें।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि पात्र एवं वास्तविक समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
👥 बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं जिले के 45 विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
📞 सीएम हेल्पलाइन 1076 : आमजन की आवाज, प्रशासन की जवाबदेही
छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिक केंद्रित शिकायत निवारण प्रणाली है। इसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ उसकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन, कॉलबैक सुविधा, ओटीपी आधारित पोर्टल लॉगिन और व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। इसका उद्देश्य शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के साथ प्रत्येक प्रशासनिक स्तर पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करना है।
🟨 खास बात
कलेक्टर का संदेश साफ है—शिकायत लंबित नहीं, समाधान जरूरी है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज हर आवेदन को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा में निराकरण करना अब विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
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